Saturday, February 26, 2011

पानी में डूबे दस करोड़

आपणी योजना की हकीकत, 99 गांवों ने ठुकराया 'अमृत'
चूरू। धोरों में मीठा पानी मुहैया करवाने वाली आपणी योजना के दस करोड़ से अधिक रुपए पानी में डूब गए हैं। अभियंता छह साल से प्रयासरत हैं, परन्तु एक भी रुपया वापस नहीं निकल पा रहा है। यह सब चूरू व झुंझुनूं जिले के 99 गांवों के अपने वादे से मुकरने के कारण हुआ है। गांवों में दफन 120 किलोमीटर लम्बी पाइप लाइन, बूंद-बूंद पानी को तरसतीं पेयजल टंकियां और धूल फांकते पेयजल उपकरण इसके गवाह हैं। सूचना का अधिकार के तहत जानकारी मांगने पर आपणी योजना और ग्रामीणों की यह हकीकत सामने आई है।
योजना के तहत 2000-2005 के दौरान शेखावाटी की चूरू, झुंझुनूं व अलसीसर पंचायत समिति के 71 गांवों को मीठा पानी उपलब्ध करवाने के लिए 8.72 करोड़ रुपए खर्च कर 120 किलोमीटर लम्बी पाइप लाइन डालने के साथ ही गांव गाजसर व जुहारपुरा में पांच-पांच सौ किलोमीटर क्षमता की पेयजल टंकियों का निर्माण किया गया। इनमें सरदारशहर पंचायत समिति के 28 गांवों के लिए खर्च की गई राशि शामिल की जाए तो आंकड़ा दस करोड़ रुपए से ऊपर जाता है। योजना का कार्य पूर्ण होने के बाद सभी 99 गांवों ने मीठा पानी लेने से साफ इनकार कर दिया है। ऐसे में पाइप लाइन और पेयजल टंकियां कोई काम नहीं आ रही हैं।
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इसलिए मुकरे वादे से
आधिकारिक जानकारी के अनुसार योजना की शुरुआत में ग्रामीणों ने मीठा पानी लेने की सहमति जताई थी, लेकिन बाद में अपने वादे से मुकर गए। इस पर ग्रामीणों के अपने तर्क हैं। ग्रामीणों को घर-घर पेयजल कनेक्शन चाहिए जबकि योजना में सामुदायिक नल की व्यवस्था है। योजना के पानी की नियमित आपूर्ति और गुणवत्ता पर ग्रामीणों भी को संदेह है। आपणी योजना से जुडऩे के बाद गांव में पीएचईडी के जलस्रोतों से जलापूर्ति बंद हो जाती है। ऐसे में ग्रामीण अपने पुराने जलस्रोत नहीं खोना चाहते। पीएचईडी की ओर से कई गांवों में खारा पानी मुफ्त में पिलाया जाता है। जबकि आपणी योजना के पानी की कीमत प्रति व्यक्ति प्रति माह पांच रुपए है। हालांकि पैसों के लालच में लोग खारा पानी पीकर खुद अपने स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। ग्रामीणों ने घर-घर में बरसाती कुण्ड बना रखे हैं, जिनसे गर्मियों में भी पानी की कमी नहीं अखरती।
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थमाए नोटिस दर नोटिस
आपणी योजना से जोड़े जाने के बावजूद पानी नहीं लेने पर अधिकारियों ने संबंधित ग्राम पंचायत व गांव की जल एवं स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष को गत छह वर्ष के दौरान अनेक नोटिस जारी किए हैं। 26 अगस्त 2010 को जारी नोटिस में तो यहां तक लिखा गया कि अगर गांव वाले मीठा लेने को तैयार नहीं हुए तो पीएचईडी की ओर से खारा भी बंद करवा दिया जाएगा, परन्तु नोटिसों का जवाब नहीं आया और ना ही पीएचईडी से जलापूर्ति बंद करवाई गई।
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क्या है योजना
जर्मन सरकार की उच्च तकनीक व आर्थिक सहयोग से करीब पांच अरब रुपए की आपणी योजना चूरू, झुंझुनंू व हनुमानगढ़ जिले में एक दशक से संचालित है। वर्तमान में योजना के तहत तीनों जिले में 508 गांव के लोग मीठा पानी पी रहे हैं।
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इन्होंने किया मना
सरदारशहर व चूरू पंचायत समिति में गांव आ्सलू, ढाढऱ, लाखाऊ, झारिया, दूधवाखारा, बूंटियां, गाजसर, घंटेल, कड़वासर, सहजूसर, मेघसर, देपालसर, खासोली, ऊंटवालिया, हणुतपुरा, थैलासर, मेहरावनसर, सोमासी, छाजूसर, जुहारपुरा, मोलीसर बड़ा, रायपुरिया, सहनाली बड़ी, सहनाली छोटी, सातड़ा, सूरतपुरा, ढाढ़रिया चारणान, धोधलिया, नाकरासर, धीरासर बीकान, चारणान, शेखावतान, जासासर, जसरासर, बालरासर तंवरान, दांदू, घांघू, राणासर, हरियासर घड़सोतान, चारणवासी, ढाणी सुवाना, मेहरासर चाचेरा, सवाई बड़ी, बलवानिया, दूलरासर, मांगासर, गोमटिया, रामसीसर भेड़वालिया, चन्नाई, छजलानिया, भीकमसरा, पनपालिया, मेलूसर, अड़मालसर, राणासर बिकान, भैंरूसर, खींवासर, पूलासर, बरलाजसर, मेहरी रिजवान, पुरोहितान, कामासर, जीवणदेसर, आसासर, अजीतसर व उदासर बीदावतान तथा झुंझुनूं व पंचायत समिति अलसीसर के गांव हनुतपुरा, बाजला, बीदासर, भीखनसर, बिसनपुरा, चंदवा, चूडेला, डाबड़ी, धीरासर, डिलाई, दूलचास, हंसासरी, हमीरवास रिजानी, हनुमानपुरा, कंकडेउ खुर्द, कालियासर, कांट, खिदरसर, लादूसर, नांद, पाडासी, पाटोदा, श्री किशनपुरा, टांई, ढाणी चारण, हंसासर, कमलासर, कोलिण्डा, लूट्टू, मेहनसर, सोनासर, धनूरी व श्यामपुरा आपणी योजना का पानी लेने को तैयार नहीं है।
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इनका कहना है...
चूरू-झुंझुनूं जिले के 99 गांव मीठा पानी पीने को तैयार नहीं हैं, जबकि आपणी योजना के तहत करोड़ों रुपए खर्च कर गांवों तक पाइप लाइन डाली हुई है। वर्षों पूर्व हुए सर्वे के दौरान ग्रामीणों ने मीठा पानी लेने की सहमति जताई थी लेकिन बाद में मना कर दिया। मामला राज्य सरकार के ध्यान में है। सरपंच व ग्राम जल एवं स्वास्थ्य समितियों को इस संबंध में नोटिस में दिए गए, परन्तु किसी ने कोई जवाब नहीं दिया।
-एसके शर्मा, अधीक्षण अभियंता, आपणी योजना चूरू

1 comment:

  1. ख़बरों को अपडेट करते रहें। अच्छा ब्लॉग है।

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