Wednesday, June 3, 2009

पानी के नाम पर बंट रहा चरणामृत

चहुंओर हाहाकार 96 घंटे से नहीं टपका बूंद पानी स्थिति सुधरने के आसार आज चूरू, 3 जून पेयजल की भंयकर किल्लत के चलते जलदाय महकमा चार दिन से चूरू शहर में पानी के नाम पर चरणामृत बांट रहा है। शहर के आधा दर्जन वार्डों में 96 घंटों से पानी की एक बूंद भी नल से नहीं टपकी। शेष वार्डों में आवश्यकता की तुलना में गिलासभर पानी भी सप्लाई नहीं हो रहा है। शहर में चहुंओर पानी के लिए हाहाकार मचा है। बच्चे, बूढ़े, महिलाएं, युवक सभी सुबह-शाम पानी की जुगत में इधर से उधर भटक रहे हैं। जहां-तहां सार्वजनिक नलों पर पानी उपलब्ध हो रहा है वहां पानी भरने वालों का तांता लग जाता है। गली-मोहल्लों में टैंकरों के पहुंचते ही लोग खाली बरतन लिए दौड़े चले आते हैं। बच्चों के लिए गर्मियों की छुट्टियां मौज-मस्ती के बजाय पानी की माथा-पच्ची में ही बीत रही हैं। ऊपर से गर्मी और उमस की मार ने लोगों का बुरा हाल कर रखा है। न खाना भाता है न सोना सुहाता है। घरती से उठती तपन और चिपचिपाता बदन काम करने की क्षमता को क्षीण बना रहा है।यह बात दीगर है कि अंधड़ से आपणी योजना के कर्मसाना पम्ंिपग स्टेशन के दो विद्युत टावर गिरने से गड़बड़ाई जलापूर्ति बुधवार तक बहाल होने के आसार है। आपणी योजना के अभियंताओं का दावा है कि विद्युत व्यवस्था सुचारू कर दी गई है। बुधवार सुबह से जलापूर्ति नियमित हो जाएगी।
टैंकर का बेसब्री से इंतजार
शहर के वार्ड 38 , 37, 23, 30, मोचीवाड़ा, सब्जी मण्डी, पंचमुखी बालाजी व रामदेव मंदिर इलाके में लोगों के हलक टैंकरों से तर किए जा रहा हैं। बुधवार को लोगों को टैंकरों का बेसब्री से इंतजार रहा। मोहल्ले में टैंकर पहुंचते ही लोगों में पानी भरने की होड़ मच गई। विभाग के तीन टैंकर रोजना 15 से 20 फेरे लगा रहे हैं। हालत यह है कि जहां भी टैंकर पहुंचता है पानी भरने वाले इतने लोग जमा हो जाते है कि घर के सदस्यों के लिए वांछित पानी की अपेक्षा उन्हें उपलब्ध पानी चरणामृत लगता है।
सप्लायर्स की बल्ले-बल्ले
शहर में पानी की कमी के कारण वाटर सप्लायर्स की चार दिन से बल्ले-बल्ले हो रही है। पानी के कंटेनरों की मांग दोगुनी हो गई है। शहर में तीनवाटर सप्लायर्स हैं। तीनों ही के यहां इन दिनों लक्ष्मी मेहरबान है।
तब जाकर मिलेेगा पानी
कर्मसाना पम्ंिपग स्टेशन से जलापूर्ति शुरू होने के तकरीबन 16 घंटे बाद मीठा पानी घरों में पहुंच सकेगा। मीठे पानी को कर्मसाना से चूरू तक पहुंचने में करीब आठ घंटे लगेंगे। इतना ही समय पीएचईडी की टंकियां भरने में लगेगा।
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कर्मसाना पमिपग स्टेशन की विद्युत आपूर्ति सुचारू हो गई है। मीठे पानी की आपूर्ति शुरू कर दी है। पानी की टंकियां भरते ही जलापूर्ति बुधवार सुबह तक सामान्य होने की उम्मीद है।
-महासिंह बेनीवाल, अधीक्षण अभियंता, चूरू
पानी की स्थिति सामान्य रहने पर प्रतिदिन सौ कंटेनर बेचता था। सरकारी जलापूर्ति ठप होने से कंटेनरों की मांग दो-ढाई गुनी हो गई है।
-मनोहर सिंह, वाटर सप्लायर, चूरू
शहर के आधा दर्जन इलाकों में पीएचईडी का पानी नहीं पहुंच पा रहा है। टैंकरों से जलापूर्ति कर लोगों की प्यास बुझाई जा रही है।
-शेषराम वर्मा, सहायक अभियंता, चूरू (शहर)
भाईजी, चार दिन सूं पाणी कोनी आयो। नहाणो-धोणो तो दूर वार्ड में पीबा का पाणी को भी टोटो है।
-खातुन, वार्डवासी, वार्ड 25
प्रस्तुतकर्ता विश्वनाथ सैनी

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