Tuesday, September 21, 2010

ब्लॉक स्तर पर होगी मौसम की भविष्यवाणी

जयपुर समेत चार जिलों में लगेंगे अत्याधुनिक राडार,
मौसम विभाग के डीजीएम अजीत त्यागी चूरू आए
चूरू। देश में अब ब्लॉक स्तर तक मौसम की भविष्यवाणी की जा सकेगी। इसके लिए मौसम केन्द्रों को हाइटेक करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए गए हैं। चुनिंदा मौसम केन्द्रों पर डोप्लर वैदर राडार लगाए जाने के साथ ही करीब दो हजार स्थानों पर स्वचालित मौसम केन्द्र स्थापित किए जा रहे हैं।
मौसम विभाग नई दिल्ली के डीजीएम डॉ. अजीत त्यागी ने सोमवार को पत्रिका से बातचीत में यह जानकारी दी। डॉ. त्यागी चूरू में स्वचालित मौसम केन्द्र का उद्घाटन करने आए हुए थे। उन्होंने बताया कि जयपुर मौसम केन्द्र में जनवरी 2011 के अंत तक डोप्लर वैदर राडार काम करना शुरू कर देगा। जिससे प्रदेश में चार सौ किलोमीटर की परिधि के मौसम का सटीक पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा। 12 जिलों में स्वचालित मौसम केन्द्र स्थापित कर दिए गए हैं जबकि शेष 21 जिलों में मौसम केन्द्र जल्द स्थापित होंगे। देशभर में 50 डोप्लर वैदर राडार और दो हजार स्वचालित मौसम केन्द्र की योजना बनाई गई है। जिसके प्रथम चरण का काम शुरू हो गया है। दूसरे चरण का आगाज 2012 में होगा।

सुपर कम्प्यूटर बनेंगे मददगार
डॉ. त्यागी ने बताया कि डोप्लर वैदर राडार और स्वचालित मौसम केन्द्र से आंकड़े सीधे दिल्ली, पुणे व मुम्बई में तुरंत प्राप्त किए जा सकेंगे, जहां सुपर कम्प्यूटर से आंकड़ों का विस्तृत अध्ययन एवं विश्लेषण कर ब्लॉक स्तर तक के तापमान, हवा, बारिश व नमी आदि की भविष्यवाणी की जा सकेगी। फिलहाल मौसम विभाग जिला स्तर तक के मौसम का हाल बताने में सक्षम है।

कोटा में भी लगेगा राडार
डॉ. त्यागी ने बताया कि प्रदेश में श्री गंगानगर और जैसलमेर में डोप्लर वैदर राडार लगा हुआ हैं, मगर दोनों ही पुरानी तकनीक से काम कर रहे हैं। अत्याधुनिक राडार सबसे पहले जयपुर में लगेगा। इसके बाद कोटा का नम्बर आएगा। साथ ही श्रीगंगानगर और जैसलमेर स्थित पुराने राडार को भी बदला जाएगा।

पल-पल के मौसम पर होगी पकड़
चूरू में स्वचालित मौसम केन्द्र शुरू
चूरू। जिला मुख्यालय स्थित मौसम केन्द्र हाइटेक हो गया है। यहां पर सोमवार से स्वचालित मौसम केन्द्र ने काम करना शुरू कर दिया है। अब जिले के पल-पल के मौसम पर केन्द्र की पकड़ हो जाएगी। मौसम विभाग नई दिल्ली के डीजीएम डॉ. अजीत त्यागी व मौसम विभाग जयपुर के निदेशक एसएस सिंह ने सुबह दस बजे केन्द्र का फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया। डॉ. त्यागी ने बताया कि चूरू मौसम केन्द्र पर तीन घंटे के अंतराल में ही मौसम की जानकारी ले पाना संभव हो पा रहा था जबकि मौसम की भविष्यवाणी करने के लिहाज से चूरू देशभर में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ऐसे में यहां पर लम्बे समय से स्वचालित मौसम केन्द्र की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब दस मिनट के अंतराल में मौसम का हाल जाना जा सकेगा।
प्रदेश के 12 जिलों में स्वचालित मौसम केन्द्र स्थापित करने में चूरू को भी प्राथमिकता से लिया गया है। निदेशक एसएस सिंह ने बताया कि स्वचालित मौसम केन्द्र शुरू होने पर पाला पडऩे, ओले गिरने व भारी बारिश आदि का सटीक पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा। चूरू केन्द्र प्रभारी जिलेसिंह राव ने डॉ. त्यागी व सिंह को केन्द्र का निरीक्षण करवाया। इस मौके पर सहायक मौसम वैज्ञानिक जयपुर एनके मल्होत्रा, आरएस सिहाग, गोपाल लाल वर्मा आदि उपस्थित थे।

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