Tuesday, November 10, 2009

अनार्थिक स्कूलों पर तलवार

चूरू, 10 नवम्बर। शिक्षा विभाग के लिए सिरदर्द बने अनार्थिक व कागजी विद्यालयों पर ताले की तैयारी शुरू हो चुकी है। ऐसे विद्यालयों की सूचनाएं नए सिरे से जुटाई जा रही हैं। शिक्षा अधिकारी तीस सितम्बर 09 तक की छात्र संख्या को आधार मानकर विद्यालय को अनार्थिक घोषित किए जाने की मशक्कत कर रहे हैं। अधिकांश अनार्थिक विद्यालयों में नाममात्र के बच्चे पढ़ रहे हैं। हालांकि इससे उनकी पढ़ाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि उन्हें पढऩे के लिए नजदीक के अन्य विद्यालय में भेजा जाएगा।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार 12 नवम्बर को चूरू में हनुमानगढ़, झुंझुनूं, श्रीगंगानगर व बीकानेर के जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा चर्चा करेंगे तथा 16 नवम्बर को शिक्षा संकुल जयपुर में शिक्षामंत्री भंवरलाल मेघवाल प्रदेशभर के अनार्थिक विद्यालयों की समीक्षा करेंगे।

ये हैं श्रेणियां

अनार्थिक व कागजी विद्यालयों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें छात्र संख्या शून्य, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में छात्र संख्या बीस से कम तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक छात्र संख्या बीस से अधिक मगर कक्षा छह, सात और आठ में छात्र संख्या बीस से कम श्रेणी शामिल है।

दूसरे स्कूल में पढ़ेंगे

जिन प्राथमिक विद्यालयों की सभी कक्षाओं में छात्र संख्या बीस से कम तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों की कक्षा छह, सात और आठ में छात्र संख्या बीस है उन पर ताला लगाकर उनके विद्यार्थियों को नजदीक के अन्य सरकारी स्कूल में पढ़ाया जाएगा। प्राथमिक विद्यालय एक किलोमीटर तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय दो किलोमीटर के दायरे में स्थित अन्य सरकारी विद्यालय में मर्ज होंगे।

आधे जिले की स्थिति

जिले के छह ब्लॉक प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारियों में से तीन ने अनार्थिक विद्यालयों की सूचना डीईओ ऑफिस भेज भी दी है जबकि शेष ब्लॉकों में शिक्षा अधिकारी सूचना को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार रतनगढ़, चूरू व सुजानगढ़ में 55 विद्यालय अनार्थिक हैं। खास बात यह है कि इनमें से शिक्षामंत्री के गृह क्षेत्र सुजानगढ़ के 11 विद्यालय कागजों में चल रहे हैं। शेष तारानगर, सादुलपुर और सरदार शहर में करीब पच्चीस विद्यालयों के अनार्थिक घोषित होने की और सम्भावना है।

-----

अनार्थिक विद्यालयों की सूचियां तैयार की जा रही हैं। तीन बीईईओ ने सूचना भेज दी है। शेष को बुधवार सुबह 11 बजे तक सूचना भेजने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
-ओमप्रकाश जांगिड़, जिला प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी, चूरू

अनार्थिक एवं कागजी विद्यालयों की सूचनाएं नए सिरे से जुटाई जा रही हैं। विद्यालयों में तीस सितम्बर 09 की छात्र संख्या को आधार माना गया है।

-शिवजी राम चौधरी, उपनिदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा, चूरू



प्रस्तुतकर्ता विश्वनाथ सैनी

No comments:

Post a Comment

हिसाब-किताब

विजेट आपके ब्लॉग पर

ब्लॉग पर अपनी भाषा चुनें