Monday, November 2, 2009

लाखों की रकम हजारों ने की हजम

उपभोक्ताओं पर एक करोड़ से अधिक बकाया
निगम लेगा रिकवरी एजेंटों की मदद
तीन हजार से अधिक डिफाल्टर घोषित
चूरू। पहले तो फोन पर जी भर कर बातें कर ली और जब बिल के भुगतान का समय आया तो मुकर गए। बिल की राशि ऎसे हजम कर ऎसी डकार ली कि निगम के बार-बार नोटिस भेजने के बावजूद कान पर जूं नहीं रेंगी। भारत संचार निगम के साथ ऎसा व्यवहार करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या हजारों में है।सरकार के लाखों रूपयों चुकाने को लेकर नीयत में खोट रखने वाले इन उपभोक्ताओं से बकाया वसूलना अब टेढी खीर साबित हो रहा है। ऎसे में निगम ने निजी एजेंट की सेवा लेने की तैयारी करने के साथ ही कई उपभोक्ताओं के खिलाफ सिविल कोर्ट की शरण भी ली है।विभागीय जानकारी के मुताबिक वर्तमान में लगभग 18 हजार उपभोक्ताओं पर फोन के बिलों के रूप में एक करोड 6 लाख रूपए बकाया चल रहे हैं।
इसके अलावा मोबाइल (पोस्टपेड), लैण्ड लाइन व डब्ल्यूएलएल के तीन हजार 41 ऎसे उपभोक्ता हैं, जो डिफाल्टर घोषित किए जा चुके हैं। बकाया के चलते इनका कनेक्शन भी काट दिया गया है। इन पर 59 लाख 97 हजार 546 रूपए बकाया हैं, जिनकी प्राप्ति की उम्मीद काफी कम है।
नहीं बरतते सख्ती
बीएसएनएल सरकारी कम्पनी होने के कारण बकाया वसूलने में उपभोक्ताओं के साथ अन्य निजी कम्पनियों की तरह सख्ती नहीं बरत पाती है। निगम अघिकारी अपने स्तर पर बकाया वसूली का प्रयास करते आए हैं लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं निकले। अब एक निजी एजेंट की भी सेवा ली जाएगी। इसके लिए निगम ने हाल ही निविदा जारी की है।
कुल उपभोक्ता
सेवा-----------------धारक
मोबाइल(पोस्टपेड)--2000
लैण्डलाइन----------40,0०0
डब्ल्यूएलएल ------ 10,०००
कौन-कितना डिफाल्टर
सेवा--------------उपभोक्ता---बकाया राशि
लैण्ड लाइन-------1311 -------8,16,०२९
मोबाइल(पोस्टपेड) 214 --------3,27,928
डब्ल्यूएलएल----- 1514 --------8,53,५८९
कब से बकाया
समय--------- उपभोक्ता--------- राशि
3-6माह------671 --------------7,77,661
6-12माह----- 1244 ------------7,66,833
12-24माह---- 1126 ------------4,52,752
कोर्ट की शरण
आधिकारिक जानकारी के अनुसार बकाया नहीं चुकाने वाले कई उपभोक्ताओं के खिलाफ निगम ने हाल ही सिविल कोर्ट की शरण ली है। इसके अलावा लम्बे समय पर निगम की राशि पर कुण्डली मारे बैठे एसटीडी/पीसीओ धारकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की भी तैयारी की जा रही है।
यहां के उपभोक्ता शामिल
जिला मुख्यालय स्थित भारत दूरसंचार निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक कार्यालय के अधीन चूरू जिला समेत बीकानेर जिले के डूंगरगढ़ तहसील के उपभोक्ता आते हैं।
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हजारों उपभोक्ता कई महिनों से बकाया राशि नहीं चुका रहे हैं। अब बकाया वसूली के प्रयास तेज कर दिए हैं। कुछ उपभोक्ताओं के खिलाफ सिविल कोर्ट में मुकदमा भी दर्ज करवाया है। इसके अलावा एक निजी एजेंट के लिए निविदा भी निकाली है।
-जसवीर सिंह त्यागी, महाप्रबंधक, बीएसएनएल, चूरू
प्रस्तुतकर्ता विश्वनाथ सैनी
प्रतिक्रियाएँ:


2 टिप्पणियाँ:

परमजीत बाली said...
अच्छी जानकारी दी।आभार।
November 3, 2009 5:12 PM

RAJNISH PARIHAR said...
बकाया वसूल करने के लिए सब तरीके अपनाने ही होंगे..वरना अन्य सरकारी विभागों की भांति BSNL का भी भट्ठा बैठ जायेगा...
November 7, 2009 10:47 AM

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