Thursday, December 31, 2009

मैंने सुना नया साल आया

मैंने सुना नया साल आया
दिल के एफएम से जोड़ लो मन के तार...बजने दो फुल आवाज में प्यार भरे तराने...हटा दो खिड़कियों के सारे परदे...घुल जाने दो सासों में फिजां की महक...बाहों में समेट लो सूरज की किरणें...हवाओं को छू लेने दो तुम्हारे कपोल...उठा लो कलम और लिख दो अपनों के नाम कुछ संदेश...भेज दो सारे दोस्तों को एसएमएस...ठान लो कुछ नया करने की...ले लो संकल्प कुछ बनने का...कुछ पाने का...जिंदगानी के फ्लेशबैक में मार लो एक हल्का सा गोता...पता तो करो क्या पाया...क्या खोया...क्या चाहते थे...क्या मिला...कहां मारी बाजी...कहां पड़े कमजोर...।
जनाब मिल गया हो समय तो हटा दो दीवारों से कलेण्डर...मिला लो घड़ी के कांटे...क्योंकि मैंने सुना नया साल आया...फिर कुछ नया करने का जज्बा लाया...अपनों के नजदीक आने का एक और मौका आया...फिर एक शाम परिवारजन, दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ जश्न मनाने का अवसर लाया...मत गंवाना किसी को बधाई देने का अवसर...फिर ना पड़े पछताना...अभी मान लो मेरा कहना...क्योंकि मैं भी यह बात 12 माह और 365 दिन बाद ही दोहरा सकूंगा...इस बीच मुझे दोष मत देना कि मैंने पहले नहीं बताया....कि नया साल आया...।
(पोस्ट पढऩे और ब्लॉग देखने वाले सभी दोस्तों को
नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं)

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