Tuesday, March 23, 2010

नया तंत्र बिजली में फूंकेगा मंत्र

चूरू। ग्रामीण क्षेत्रों में फीडर सुधार कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के बाद अब निगम ने शहरी रोशनी पर नजर टिका दी है। शहरी क्षेत्रों में वॉल्टेज की समस्या से निजात पाने तथा तकनीकी छीजत घटाने के मकसद से निगम ने नए तंत्र पर काम शुरू कर दिया है।
निगम के नए कार्यक्रम आर-एपीडीआरपी के तहत जिले में पचास हजार से अघिक आबादी वाले छह शहर व कस्बों का चयन किया गया है। कार्यक्रम के तहत चयनित क्षेत्रों के लिए विशेष योजना तैयार कर स्वीकृत के लिए मुख्यालय को भिजवाई जा चुकी है। सब कुछ योजनानुसार हुआ तो शहरी क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में नई जान आ जाएगी। उपभोक्ताओं को सुचारू बिजली आपूर्ति मिलने के साथ ही तकनीकी छीजत भी घटकर 15 प्रतिशत तक आने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में शामिल चूरू, सादुलपुर, सरदारशहर, बीदासर, सुजानगढ व रतनगढ में फिलहाल 25 से 50 प्रतिशत तक छीजत हो रही है। कार्यक्रम के तहत विभिन्न स्थानों पर 33 केवी के नए जीएसएस स्थापित किए जाएंगे। जिला मुख्यालय पर मोचाीवाडा व लाल घंटाघर के पास जीएसएस प्रस्तावित है। इसके अलावा लम्बी लाइन को छोटी करने के लिए चूरू शहर में करीब 70 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाने हैं।
ये होंगे काम
* जहां थ्री फेज ट्रांसफार्मर लगाना संभव नहीं वहां पर सिंगल फेज ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे।
* एलटी लाइन को छोटा किया जाएगा ताकि वोल्टेज पूरा मिल सके।
* मुख्य स्थान पर टावर लगाए जाएंगे।
* सामान्य कण्डक्टर की जगह विशेष कण्डक्टर लगेंगे।
* विभिन्न स्थान पर 33 केवी के जीएसएस स्थापित होंगे।
* 11 केवी की नई विद्युत लाइन डाली जाएगी।
* पुराने व डिफेक्टिव मीटर बदलेंगे
* घरों के बाहर लगेंगे मीटर।
शहरी क्षेत्र में सुचारू बिजली की आपूर्ति तथा छीजत का प्रतिशत घटाकर 15 फीसदी तक लाने के लिए मुख्यालय को आर-एपीडीआरपी के तहत प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव को जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।-एनएम चौहान, अधीक्षण अभियंता, जोधपुर विद्युत वितरण निगम, चूरू

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