Monday, October 4, 2010

आईटी की राह में ढिलाई का 'वायरस'

भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र :
गांधी जयंती को गुजरी डेडलाइन, 86 पंचायतों में तो काम ही शुरू नहीं हुआ, 31 मार्च नई तिथि निर्धारित
चूरू। ग्राम पंचायतों को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने वाली भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र (आईटी सेंटर) योजना की रफ्तार ढिलाई के वायरस की गिरफ्त में है। यही वजह है कि सेंटरों का निर्माण पूर्ण होने की पहली संभावित तिथि दो अक्टूबर (गांधी जयंती) गुजर गई, मगर जिले की 249 ग्राम पंचायतों में से 246 में सेंटर अभी भी सपना बना हुआ है। निर्धारित तिथि तक महज तीन पंचायतों में सेंटर निर्माण का काम पूर्ण हुआ है। 86 ग्राम पंचायतों में तो सेंटर का शुरू ही नहीं हो सका है। जिन ग्राम पंचायतों सेंटर निर्माणाधीन है, उनकी स्थिति भी संतोषजनक नहीं कही जा सकती है। अब रा'य सरकार के निर्देश जिला प्रशासन ने समस्त केन्द्रों का निर्माण कार्य पूर्ण करने की नई तिथि 31 मार्च 2011 तय की है, किन्तु नई तिथि तक कार्य पूर्ण होने की भी कोई गारण्टी नहीं है।

टेण्डर समेत कई रोड़े
आधिकारिक जानकारी के अनुसार सेंटरों के निर्माण की राह में उनकी टेण्डर प्रक्रिया ही रोड़ा साबित हो रही है। जिला प्रशासन ने सेंटरों की निर्माण सामग्री के लिए अप्रेल में टेण्डर प्रक्रिया शुरू की थी। सरपंचों की बजाय जिला कलक्टर की ओर से टेण्डर प्रक्रिया शुरू करने पर सरपंच शुरू से ही इसके खिलाफ थे। इसके अलावा कुछ पंचायतों में जगह उपलब्ध नहीं होने और सामग्री नहीं पहुंचाने से भी योजना के क्रियान्वयन में बाधा आ रही है। रही-सही कसर सरपंच व ग्रामसेवकों की पिछले दिनों हुई हड़ताल ने पूरी कर दी।

यहां भी रफ्तार धीमी
आईटी सेंटर निर्माण के लिए ग्राम पंचायत ही नहीं बल्कि पंचायत समिति मुख्यालयों पर भी रफ्तार धीमी है। जिले की छह पंचायत समितियों में से सुजानगढ़ व राजगढ़ में सेंटर का काम पूर्ण हो पाया है। चूरू व सरदारशहर में सेंटर का काम समाप्ति की ओर है। रतनगढ़ में सेंटर का काम छत से नीचे तथा तारानगर में छह डाले जाने के स्तर तक का काम पूर्ण हो गया है। गौरतलब है कि पंचायत समिति मुख्यालय पर सेंटर निर्माण पूर्ण करने की तिथि 15 अगस्त थी, जो डेढ़ माह पूर्व ही गुजर गई।

क्या है योजना
भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक-एक सेंटर स्थापित किया जाएगा। प्रत्येक सेंटर पर महानरेगा से दस लाख रुपए खर्च करेंगे। सेंटर पर पांच कम्प्यूटर उपलब्ध करवाए जाएंगे, जहां गांव के युवाओं को
कम्प्यूटर का प्रशिक्षण दिया जा सकेगा और महानरेगा के कार्यों की ऑन डाटा फीडिंग हो सकेगी। साथ ही अन्य विभागों की योजनाओं के आंकड़े भी
पंचायत स्तर पर आसानी से तैयार किए जा सकेंगे। इसके अलावा ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं के आवेदन पत्र भरने की भी सुविधा मिलेगी।

163 सेंटर निर्माणाधीन
जिले की छहों पंचायत समितियों की 163 ग्राम पंचायतों में सेंटर निर्माणाधीन हैं। इनमें से 44 पंचायतों में सेंटर का काम नींव स्तर तक पूरा हो पाया है। 38 पंचायतों में दो से पांच फीट तक तथा 47 पंचायतों में छत के आस-पास तक का काम हुआ है। इनके अलावा 34 पंचायतों की सेंटरों का काम समाप्ति की ओर है।

आंकड़ों की जुबानी
पं. स~~~~~बनेंगेकाम शुरू नहीं
चूरू~~~~~~~35~~~~~ 4
सुजानगढ़~~~51 ~~~~~-
सरदारशहर~~~~~48~~~~~ 6
राजगढ़~~~~~~~55~~~~~ 41
तारानगर~~~~~~~28~~~~~ 12
रतनगढ़~~~~~~32~~~~~ 23
कुल~~~~~ 249 ~~~~~86
(आंकड़े जिला परिषद के अनुसार)
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यह सही है कि पंचायत समिति व ग्राम पंचायत मुख्यालय पर बनने वाले सेवा केन्द्रों के निर्माण की अंतिम तिथियां निकल गई हैं। फिर भी चूरू जिला योजना के क्रियान्वयन को लेकर प्रदेशभर में अव्वल है। शेष 8 6 ग्राम पंचायतों में भी जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। पंचायतों में जगह नहीं मिलने, निर्माण सामग्री नहीं पहुंचने और ग्रामसेवकों व सरपंचों की हड़ताल समेत कारणों से देरी हुई है। अब सरकार से 31 मार्च तक का समय लिया गया है।नई तिथि तक समस्त केन्द्रों का कार्य पूर्ण होने की उम्मीद है।
-अबरार अहमद, मुख्य कार्यकारी अधिकारी,
जिला परिषद, चूरू

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