Wednesday, October 13, 2010

आए, खाए और चल दिए

चूरू सर्किट हाउस प्रबंधन बेबस
राजनीति व प्रशासन के 50 से अधिक दिग्गजों के लाखों बकाया
चूरू। 'आए, खाए और खिसके' का जुमला कई दिग्गज राजनेताओं और वरिष्ठ अफसरों पर सटीक बैठ रहा है। इन सब पर चूरू के सर्किट हाउस में ठहरने और भोजन की एवज में लाखों रुपए बकाया हैं। राजकीय अतिथि के रूप में बकाया राशि छोड़कर जाने वालों में तो पूर्व प्रधानमंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री से लेकर कई जाने-माने मंत्री तक शामिल हैं। ऐसे सांसद और आईएएस अधिकारियों की भी कमी नहीं, जो सर्किट हाउस के बिलों के भुगतान को अब तक गंभीरता से नहीं लिया है। यही नहीं बल्कि चूरू में तैनात रहे एक जिला कलक्टर, उपखण्ड अधिकारी और कोतवाल भी मुफ्त में खाना खाने से नहीं चूके। जनप्रतिनिधियों और हुक्मरानों की यह हकीकत पत्रिका की पड़ताल में सामने आई है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार 1997 से 31 अगस्त 2010 तक की अवधि के दौरान राजकीय अतिथि, सांसद, मंत्री और अधिकारियों समेत कुल 57 व्यक्तियों के सर्किट हाउस में ठहरने और भोजन के बदले एक लाख 67 हजार 71 रुपए बकाया हैं। हालांकि राजकीय अतिथियों के बिलों की राशि का भुगतान करना सामान्य प्रशासन विभाग तथा चुनाव कार्य के चलते चूरू आने वाले आला अधिकारियों के बिलों का भुगतान करना जिला कलक्टर की जिम्मेदारी है। शेष को व्यक्तिगत रूप से भुगतान करना होता है। बकाया वसूली के लिए सर्किट हाउस प्रबंधन के समय-समय पर पत्र जारी किए जाने के बावजूद बकायादारों का आंकड़ा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। स्थिति यह है कि बकाया वसूलने में सर्किट हाउस प्रबंधन पूरी तरह बेबस है।

बकाया एक नजर में
नाम---------------व्यक्ति----------बकाया
राजकीय अतिथि-------19------------27629
मंत्री व सांसद---------11------------32437
महामहिम राज्यपाल-----2--------------6071
कलक्ट्रेट चूरू---------9-------------72261
प्रशासनिक अधिकारी---14--------------25281
अन्य----------------2--------------3392
कुल----------------57------------167071
(आंकड़े सर्किट हाउस के अनुसार)

पूर्व प्रधानमंत्री गुजराल भी शामिल
सर्किट हाउस में ठहरने और भोजन की एवज में जिन पन्द्रह राजकीय अतिथियों के नाम से राशि बकाया है, उनमें पूर्व प्रधानमंत्री इन्द्रकुमार गुजराल, पूर्व उप राष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चोटाला, पूर्व केन्द्रीय खनिज मंत्री शीशराम ओला व पूर्व पेट्रोलियम मंत्री मणीशंकर अय्यर समेत अनेक नाम शामिल हैं। राजकीय अतिथियों में से सबसे अधिक राशि 13 हजार 709 रुपए हरियाणा के तत्कालीन (2003) शहरी विकास राज्य मंत्री सुभाष गोयल तथा सबसे कम 420 रुपए तत्कालीन (2001) राज्यसभा सांसद अुर्जन सिंह के बकाया है।

सांसद बुडानिया सबसे आगे
बकाया के मामले में राज्य सभा सांसद नरेन्द्र बुडानिया पहले पायदान पर हैं। सांसद बुडानिया को 4 नवम्बर 2001 से 13 दिसम्बर 2003 तक की अवधि के लिए सर्किट हाउस प्रशासन को 18 हजार 709 रुपए चुकाने हैं। जबकि सबसे कम 132 रुपए बीसूका के तत्कालीन (2003) उपाध्यक्ष करण सिंह यादव के नाम बकाया है। इनके अलावा दस हजार रुपए से अधिक बकाया राशि वालों में आईएएस अधिकारी टीके सिंह, आईआरएस बीके मोहंती, आईआरएस जीएम प्रकाश और आईएएस टी डब्लू बरगप्पा का नाम भी शामिल है।
------
राजकीय अतिथि, प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधियों के यहां ठहरने और भोजन के करीब एक लाख 6 7 हजार 71 रुपए बकाया हैं। राजकीय अतिथियों के बकाया का भुगतान सामान्य प्रशासन विभाग तथा चुनाव कार्य से आने वाले अधिकारियों के बकाया का भुगतान कलक्ट्रेट की ओर से किया जाता है। संबंधित विभाग और व्यक्ति को बकाया चुकाने के लिए समय-समय पर पत्र भेजते रहते हैं।
-संतोष कुमावत, प्रबंधक, सर्किट हाउस, चूरू
चुनाव पर्यवेक्षकों के विश्राम और भोजन के बिलों की बकाया राशि का भुगतान हमें करना है। कितना बकाया है इसकी जानकारी नहीं है। पता करके ही बता सकूंगा। बजट के अभाव में भुगतान में देरी हो गई होगी। जल्द ही भुगतान करवा दिया जाएगा।
-विकास एस भाले, कलक्टर, चूरू

No comments:

Post a Comment

हिसाब-किताब

विजेट आपके ब्लॉग पर

ब्लॉग पर अपनी भाषा चुनें