Friday, January 9, 2015

प्यासे हलक होंगे तर

चूरू।गर्मी में उपभोक्ताओं के हलक तर करने के लिए जलदाय विभाग ने कमर कस ली है।विभाग ने शहरी एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं को पेयजल समस्या से निजात दिलाने के लिए मुख्यालय को 162 लाख रूपए का प्रस्ताव भेजा है। कंटीजेंसी प्लान के दूसरे चरण (अपे्रल से जून09 तक) के तहत भेजे गए प्रस्ताव में शहरी व ग्रामीण इलाकों में पेयजल समस्या संबंधी विभिन्न कार्यो को शामिल किया गया है। प्रस्ताव के तहत इनमें से 112 लाख रूपए ग्रामीण एवं 50 लाख रूपए शहरी इलाकों में खर्च किए जाने का अनुमान है।इससे पहले कंटीजेंसी प्लान के प्रथम चरण में (सितम्बर08 से मार्च 09 तक) के लिए ग्रामीण और शहरी इलाकों में पानी की किल्लत दूर करने लिए 512.50 लाख रूपए का प्रस्ताव भेजे गए थे। दोनों प्रस्तावों को मंजूरी का इंतजार है।खोदे जाएंगे टयूबवैल-हैण्डपम्पप्लान के दूसरे चरण के तहत जिले के ग्रामीण इलाकों में 42 लाख रूपए की लागत से 12 टयूबवैल व 12 लाख रूपए की लागत से 15 हैण्डपम्प तथा शहरी इलाकों में 24 लाख रूपए की लागत से चार टयूबवैल खोदे जाने का प्लान है। योजना में चूरू के दोनों क्षेत्रों में दो टयूबवैल, रतनगढ में चार टयूबवैल व 10 हैण्डपम्प, सुजानगढ में चार टयूबवैल व पांच हैण्डपम्प तथा तारानगर में 6 टयूबवैल खोदे जा सकते हैं।टैंकरों से भी पहुंचेगा पानीयोजना के तहत टैंकरों से भी लोगों की प्यास बुझाई जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में टैंकर से पानी पहुंचाने के लिए छह लाख रूपए खर्च किए जाने का अनुमान है। इनमें रतनगढ और सुजानगढ के गांवों को शामिल किया गया है। इनके अलावा योजना के तहत पेयजल आपूर्ति के लिए ग्रामीण इलाकों में 22 लाख रूपए की लागत से 11 किलोमीटर तक तथा शहरी क्षेत्रों में 14 लाख रूपए की लागत से सात किलोमीटर तक पाइप लाइन बिछाने का अनुमान है।
इनका कहना है...
प्लान के तहत दो चरणों में प्रस्ताव सरकार को भेजे हैं। फरवरी के अंत तक स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।मदन सिंह राठौड, अधीक्षण अभियंता, पीएचईडी, चूरूआगे पढ़ें... प्रस्तुतकर्ता विश्वनाथ सैनी प्रतिक्रियाएँ: 1 टिप्पणियाँ इस संदेश के लिए लिंक लेबल:

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