Wednesday, April 7, 2010

एक किलोमीटर में एक ही स्कूल

चूरू। गांवों के दर्जनों विद्यालयों में जल्द ही भारी उलट-फेर होगा। अब छात्रों के साथ-साथ अध्यापकों को भी नए विद्यालय में जाना पडेगा। यह सब विद्यालयों के एकीकरण के तहत होगा। शिक्षा महकमे ने एकीकरण की कवायद शुरू कर दी है। विभाग के कर्मचारी एकीकरण के प्रस्ताव तैयार करने में जुट गए हैं। ग्रामीण विद्यालयों की तमाम जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
एकीकरण की प्रक्रिया से गांव में एक किलोमीटर के दायरे में स्थित विद्यालय ही प्रभावित होंगे। शहरी क्षेत्र के विद्यालय पर इसका कोई असर नहीं पडेगा।
एक किलोमीटर के दायरे में एक ही स्तर के एक से अघिक विद्यालय होने पर सबको एक विद्यालय में समाहित किया जाएगा। उप्रावि व माध्यमिक स्तर के विद्यालयों के एकीकरण कक्षा 6 , 7 व 8 की छात्र संख्या के आधार पर होगा। जिन विद्यालयों में तीनों कक्षाओं की छात्र संख्या अघिक होगी, वह विद्यालय ही संचालित किया जा सकेगा।
प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए ब्लॉक, जिला व निदेशालय स्तर पर तीन समितियां गठित की गई हंै। ब्लॉक स्तरीय समिति 15 अप्रेल को जिला स्तर पर तथा जिला स्तरीय समिति को 17 अप्रेल को निदेशालय स्तर पर एकीकरण के प्रस्ताव भेजने हैं।
* ग्रामीण क्षेत्र में विद्यालय
* प्राथमिक-638
*उच्च प्राथमिक-644
* माध्यमिक-199
* उच्च माध्यमिक-83
(शिक्षा विभाग के अनुसार)
* शिक्षकों को आवास सुविधा
एकीकरण से छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों को भी फायदा होगा। छात्रों को जहां शिक्षकों की कमी से नहीं जूझना पडेगा वहीं शिक्षकों को आवास की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। एकीकरण के बाद खाली हुए विद्यालयों का छात्रावास व स्टाफ के निवास के रूप में उपयोग किया जा सकेगा। खाली भवन के उपयोग का निर्णय वरिष्ठतम प्रधानाध्यापक एवं शाला प्रबंध समिति करेगी।
* शहरी क्षेत्र की स्थिति खराब
एकीकरण में ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों को शामिल किया गया है, लेकिन शहरी क्षेत्र की स्थिति अघिक खराब है। एक किलोमीटर के दायरे में एक ही स्तर के कई विद्यालय संचालित हो रहे हैं। विभागीय जानकारी के मुताबिक शहरी क्षेत्र के विद्यालयों के भी एकीकरण की आवश्यकता है। जिले के शहरी क्षेत्र में 24 उच्च माध्यमिक, 36 माध्यमिक, 91 प्राथमिक तथा 8 7 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं।
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एकीकरण की तैयारियां शुरू कर दी है। विद्यालयों में प्रस्ताव के प्रारूप भिजवाए हैं। 17 अप्रेल को समस्त प्रस्ताव निदेशालय को भेजे जाएंगे।
-सांवर मल गहनोलिया, सहायक निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, चूरू

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