Saturday, April 17, 2010

बेटियों ने बजाया डंका

चूरू। आठवीं बोर्ड परीक्षा में जिले की बेटियों ने खूब नाम कमाया है। बेटियों ने कुल परीक्षा परिणाम में बाजी मारने के साथ ही बोर्ड की अस्थायी वरीयता सूची में भी छात्रों की कडी टक्कर दी है। जिले में 79 छात्राओं ने अस्थायी वरीयता सूची में जगह बनाने में कामयाबी हासिल की है। इनमें से 18 छात्राओं ने जिला स्तर पर जबकि शेष ने तहसील स्तर पर परचम लहराया है।

डाइट सूत्रों के अनुसार इस बार आठवीं बोर्ड परीक्षा में जिलेभर की कुल 16 हजार 313 छात्राएं शामिल हुईं। इनमें से 11 हजार 6 20 छात्राओं ने अगली कक्षा में जगह बनाई है। छात्राओं का कुल परीक्षा परिणाम 71.23 प्रतिशत रहा है, जो छात्रों से 1.11 प्रतिशत अघिक है।

जिला स्तर पर पूजा
बोर्ड की जिला स्तरीय अस्थायी वरीयता सूची में छात्रा वर्ग में सुजानगढ के बाल भारती विद्यापीठ बालिका विद्यालय की छात्रा पूजा चौहान ने 94.67 फीसदी अंक हासिल कर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिला स्तर के 25 स्थानों पर कुल 42 विद्यार्थी काबिज हुए हैं। इनमें 18 छात्राएं हैं।

तहसील स्तर पर सिरमौर
बोर्ड की तहसील स्तरीय अस्थायी वरीयता सूची में कुल 6 1छात्राएं शामिल हैं। इनमें से श्री भारती आदर्श विद्यापीठ सीनियर सैकण्डरी विद्यालय की कनुप्रिया वर्मा सरदारशहर तहसील में तथा श्री गांधी बाल निकेतन की मेघना शर्मा रतनगढ तहसील में सिरमौर रही हंै। मेघना ने 93 प्रतिशत तथा कनुप्रिया ने 90.22 अंक हासिल किए हैं।

इतनी छात्राएं मेरिट में
तहसील - छात्रा
चूरू - 13
रतनगढ - 14
राजगढ - 7
तारानगर - 8
सुजानगढ - 9
सरदारशहर - 10
~~~~
इसमें कोई शक नहीं कि लडकों की तुलना में लडकियां पढाई पर अघिक ध्यान देती हैं। लडकियां घरेलू कामकाज में हाथ बंटाने के बावजूद अच्छे अंको से पास हुई हैं। इस बार भी छात्राओं का परीक्षा परिणाम शानदार रहा है। जो बालिका शिक्षा को बढावा देने के लिहाज से अच्छा है।
-महावीर सिंघल, प्राचार्य, डाइट, चूरू

2 comments:

  1. KANYA BHRUN HATYA KARNE WALO KE LIYE EK ...SOCHNIY BAAT!!!

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  2. बहुत अच्छा लगा सुनकर|ये शिक्षा ही है जो दहेज और भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों का प्रभाव कम हों रहा है|आशा है,एक दिन ऐसा भी आएगा,जब नारी-पुरुष सही अर्थों में अपने दायित्व निभाते हुए परस्पर सम्मान का स्थान पाएंगे|तब शायद ,लड़की के पिता को लड़के के पिता के सामने सर झुकाने की बाध्यता ना रहा जाए|लड़के की माँ ,लड़की की माँ से ज्यादा भाग्यशाली ना समझी जाए!!

    सधन्यवाद

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