Saturday, February 6, 2010

'पधारो म्हारे देश'

शेखावाटी के पर्यटन स्थल पर खर्च होंगे छह करोड़
चूरू, 12 नवम्बर। पर्यटन के लिहाज से विश्वभर में पहचान बना चुके शेखावाटी के पर्यटन स्थल अब नए रंग-रूप में पर्यटकों से कहेंगे पधारो म्हारे देश। इसके लिए सीकर, चूरू और झुंझुनूं के चुनिंदा पर्यटक स्थलों का पुनरूद्धार, सरंक्षण तथा सौंदर्यीकरण किया जाएगा। यह सब केन्द्र सरकार की शेखावाटी सर्किट परियोजना के तहत होगा।
परियोजना के माध्यम से शखावाटी के पर्यटन स्थलों पर ६ करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इनमें शेखावाटी के गांवों, कस्बों और शहरों में स्थित पर्यटन स्थलों का पुनरूद्धार, नवीनीकरण, संरक्षण तथा साफ-सफाई कार्य करवाएं जाएंगे। जून में तीनों जिलो से मुख्य पर्यटन स्थलों का विकास करवाने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार के पास भेजा जा चुका है। प्रस्ताव पास होने के बाद विकास कार्य शुरू हो जाएंगे।
प्रस्ताव में चूरू से सेठाणी जोहड, चूरू किला, टकनेत की छतरी, तालछापर इत्यादी के पुनरूद्धार, संरक्षण, साफ-सफाई तथा नवीनीकरण के लिए एक करोड़ २० लाख रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अलावा तालछापर में पर्यटकों के विश्राम के लिए पांच भवन बनेंगे, शौचालय की सुविधा होगी तथा पार्किग माकूल व्यवस्था की जाएगी।
इसी तरह से झुंझुनूं के पर्यटन स्थलों पर २ करोड़ १० लाख खर्च करने का प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें मेड़ता की बावड़ी, चौबिस कोसी परिक्रमा में आने वाले पर्यटक स्थल, किरोड़ी स्थित कुण्ड का विकास करना तथा लोहार्गल में पर्यटक विश्रामगृह व शौचालय बनाना शामिल है। नवलगढ़ के घेर का मंदिर तथा सादुलपुर की छतरी का सौन्दर्यीकरण व झुंझुनूं में स्थित पर्यटक स्वागत केन्द्र तथा गांधी चौक का जीर्णोद्धार होगा। झुंझुनूं, खेतड़ी और मंडावा की सड़कों पर पर्यटन स्थलों के दिशा-निर्देश बोर्ड भी लगेंगे। झुंझुनूं और चूरू की तरह ही सीकर के चुनिंदा पर्यटक स्थलों का विकास किया जाएगा।
चूरू के जिला कलेक्टर अर्जुन मेघवाल के अनुसार शेखावाटी सर्किट परियोजना के माध्यम से शेखावाटी के तीनो जिलों के मुख्य पर्यटन स्थलों को एक सर्किट से भी जोड़ा जाएगा। सर्किट से जुडऩे के बाद सभी पर्यटन स्थलों का भ्रमण एक साथ ही किया जा सकेगा। यह भ्रमण यात्रा बस द्वारा झुंझुनूं के मंडावा के पर्यटन स्थलों से शुरू होगी। मात्र दो दिन में पर्यटकों को शेखावाटी के मुख्य पर्यटन स्थलों का भ्रमण करवाकर वापस मंडावा पहुंचेगी। परियोजना में पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों के रात्रि विश्राम की व्यवस्था करने का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

इनका कहना है
इस योजना के तहत शेखावाटी के तीनो जिलो के पर्यटक स्थलों पर खर्च होने वाली राशि का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजे गए है। संभवत इस साल के अंत तक प्रस्ताव पास हो जाएंगे। प्रस्तावा में पास होने वाली राशि ही प्रत्यके जिले में खर्च की जाएगी। सीकर से भेजे गए प्रस्ताव में कुछ बदलाव हुआ है, जिसकी सूचना अभी हमारे पास नहीं है।
संजय जौहरी-सहायक निदेशक पर्यटन विभाग,
12नवम्बर 07 को राजस्थान पत्रिका में छपी

1 comment:

  1. acha laga pad kar

    amrit'wani'
    http://kavyakalash.blogspot.com/

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